सोमवार, 25 जनवरी 2010

shayari

गुजरे हुए  कल कि याद आती है,
लम्हों से आँखें भर आती है|
हमारी शाम और भी निराली हो जाती है|
जब आप जैसे दोस्त कि  याद आती है|

गुरुवार, 21 जनवरी 2010

shayari

इस कदर हमारी चाहत का इम्तहान न लीजिये,
क्यों हो खफा बयान तो कीजिये,
माफ किया दीजिये गर हो गई हो हमसे खता,
खामोश रहकर हमें सजा न दीजिये|


friendship shayari

दुआ करते है हम सर झुकाए,
ए दोस्त तू अपनी मंजिल को पायें,
अगर कभी तेरी राहों में अँधेरा हो,
रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए|

लव शायरी

आप मिले नहीं भूल जाने के लिए,
जिंदगी मिली है आप को पाने के लिए,
हमसे दोस्ती रखिबा तो इतनी ख़ुशी देंगे कि
वक़्त नहीं मिलेगा आंसू बहाने के लिए|

shayari

राधे राधे कुड़ी फसा दे,
हरे मुरारी मिले कुवारी,
जय हनुमान पट जाये मेरी जान,
वाहे गुरूजी दी खालसा,
एक सोड़ी कुड़ी दी लालसा |

विजय पटेल का ब्लॉग © 2011 BY VIJAY PATEL