मंगलवार, 31 अगस्त 2010

दोस्ती यकीन पे टीकी होती है

दोस्ती यकीन पे टीकी होती है,
ये दीवार बड़ी मुश्किल से कड़ी होती है,
कभी फुर्सत मिले तो पढ़ना रिश्तों की किताब,
दोस्ती खून की रिश्तों से लिखी होती है|

दोस्ती कि अनदेखी सूरत है आप

दोस्ती कि अनदेखी सूरत है आप,
किसी ज़िन्दगी कि जरुरत है आप,
खुबसूरत तो फूल भी बहुत है,
मगर किसी के लिए फूल से भी खुबसूरत है आप|

शनिवार, 21 अगस्त 2010

सूरज की किरण रोशनी लाती है

सूरज की किरण रोशनी लाती है,
उठते ही आप की याद आती है,
हम जाग गए आपकी यादों की दस्तक से,
अब देखना यह है की आपको हमारी याद कब आती है|

गुरुवार, 19 अगस्त 2010

वो बात क्या करू जिसकी खबर ही ना हो

वो बात क्या करू जिसकी खबर ही ना हो,
वो दुआ क्या करू जिसमे असर ही ना हो,
कैसे कह दू आपको लाग जाये मेरी उम्र,
क्या पता अगले पल मेरी उम्र ही ना हो|

भूलते नहीं आपको कभी ये कैसे बताएं

भूलते नहीं आपको कभी ये कैसे बताएं,
आपकी अहमियत क्या है ये कैसे समझाएं,
आसमान से ऊँचा है रिश्ता अपना,
ये छोटे से सन्देश में कैसे समझाएं|

विजय पटेल का ब्लॉग © 2011 BY VIJAY PATEL