शुक्रवार, 30 अप्रैल 2010

जिनकी तमन्ना दिल में थी

जिनकी तमन्ना दिल में थी,
जुदाई अब हम उनकी सहते है,
फुरसत नहीं उन्हें हमसे कुछ कहने कि,
इसलिए अब हम हर वक़्त खामोश रहते है|

मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती

मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती,
मैं जवाब बनता अगर वो सवाल होती,
सब जानते है मैं नशा नहीं करता,
फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती|

माना कि नसीब में हमारे कोई सनम नहीं

माना कि नसीब में हमारे कोई सनम नहीं,
फिर भी कोई शिकवा कोई गम नहीं,
तन्हा है पर बिंदास जिये जा रहे है,
क्योकि बदनसीब तो वो है,
जिनके नसीब में हम नहीं|

मोहब्बत हर इंसानों को आजमाती है

मोहब्बत हर इंसानों को आजमाती है,
किसी से रूठ जाती है और किसी पे मुस्कराती है,
मोहब्बत खेल ही ऐसा है,
किसी को कुछ दे जाती है तो,
किसी का सबकुछ ले जाती है|

हमें सुलाने के खातिर जब रात आती है

हमें सुलाने के खातिर जब रात आती है,
 हम सो नहीं पाते रात खुद सो जाती है,
पूछने पर दिल से ये आवाज आती है,
आज उन्हें याद कर लें रात तो रोज आती है|

विजय पटेल का ब्लॉग © 2011 BY VIJAY PATEL